उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने से भारी तबाही।
गांव तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह से कट गया है क्योंकि खीर गंगा नदी पर बना पुल बह गया है।
यह आपदा इतनी भयावह थी कि धराली और उसके आसपास के इलाके पूरी तरह से तबाह हो गए हैं, जिससे उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया है।
राहत और बचाव कार्यों में भारी मुश्किलें आ रही हैं। आपदा क्षेत्र तक पहुंचने के लिए सड़कें और पुल टूट गए हैं, जिससे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। सेना, NDRF, SDRF और ITBP की टीमें बचाव अभियान में लगी हुई हैं, लेकिन रास्ते बंद होने के कारण उन्हें काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल भी मौसम खराब होने की वजह से सीमित हो गया है।
अब तक, पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और कई लोग अभी भी लापता हैं। 274 लोगों को गंगोत्री और आसपास के इलाकों से हर्षिल लाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक बादल फटने की घटना नहीं थी, बल्कि भारी मात्रा में ग्लेशियरों का मलबा और गाद नीचे आ गया था, जिसने कुछ ही मिनटों में भयंकर तबाही मचा दी।



