रांची में बुधवार को एसीबी की विशेष अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। चैनपुर थाना के पूर्व प्रभारी अशोक कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। अदालत ने अशोक कुमार को राहत देने से इनकार कर दिया। जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। इस फैसले के बाद आरोपी को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है। एसीबी की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
जानकारी के अनुसार एसीबी ने 20 फरवरी को अशोक कुमार यादव को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी गुमला से की गई थी। वह करीब एक महीने से फरार चल रहा था। जांच एजेंसी लगातार उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एसीबी अधिकारियों ने मामले में कई दस्तावेज जुटाए हैं। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताया। रिश्वत मामले की जांच लगातार जारी है। जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
बताया गया कि 21 जनवरी को चैनपुर थाना प्रभारी शैलेश कुमार को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया था। गिरफ्तारी एसीबी टीम ने की थी। शैलेश कुमार ने तीन दिन पहले ही थाना प्रभारी का पद संभाला था। उनकी गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। इसी दौरान अशोक कुमार की भूमिका सामने आई। एसीबी ने मामले में पूछताछ तेज कर दी थी। जांच के आधार पर उनकी गिरफ्तारी हुई। अदालत में मामले की अगली सुनवाई तय की जाएगी। पूरे प्रकरण पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।



