रांची की विशेष पोक्सो अदालत ने ट्यूशन शिक्षक को दोषी ठहराया है। यह मामला नाबालिग छात्रा के साथ दुर्व्यवहार से जुड़ा था। अदालत ने विस्तृत सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष ने कई महत्वपूर्ण गवाह पेश किए। गवाहों के बयान को अदालत ने विश्वसनीय माना। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया। अदालत ने सजा की घोषणा के लिए 23 मार्च की तारीख तय की है। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है। फैसले के समय अदालत कक्ष में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। पीड़िता के परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष जताया।
मामले की सुनवाई कई चरणों में पूरी की गई। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्णय सुरक्षित रखा था। फैसला सुनाते समय न्यायाधीश ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताया। यह मामला यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत दर्ज किया गया था। इस कानून में सख्त दंड का प्रावधान है। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा अस्वीकार्य है। न्यायालय ने निष्पक्ष जांच की सराहना की। पुलिस ने समय पर चार्जशीट दाखिल की थी। अब सभी की नजर सजा के ऐलान पर है।



