टाटानगर स्टेशन पर आने वाली कई ट्रेनों का समय लगातार प्रभावित हो रहा है। चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत इस स्टेशन से गुजरने वाली एक्सप्रेस और प्रीमियम ट्रेनों की देरी ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) के आंकड़ों के मुताबिक, 25 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच कई ट्रेनें घंटों विलंब से चलीं। इस अवधि में सबसे अधिक देरी पुणे-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस में दर्ज की गई। ट्रेन संख्या 20821 औसतन 17 घंटे 20 मिनट देर से टाटानगर पहुंची। सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस भी औसतन 15 घंटे 36 मिनट विलंबित रही। आनंद विहार-संतरागाछी सुपरफास्ट एक्सप्रेस की देरी 11 घंटे 9 मिनट रही।
पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस औसतन 10 घंटे 6 मिनट देर से पहुंची। एलटीटी-कामाख्या कर्मभूमि एक्सप्रेस के परिचालन में 9 घंटे 33 मिनट की औसत देरी दर्ज हुई। जबलपुर-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस भी 8 घंटे 26 मिनट विलंब से चली। गीतांजलि एक्सप्रेस के यात्रियों को औसतन 7 घंटे 53 मिनट इंतजार करना पड़ा। उत्कल एक्सप्रेस भी तय समय से 7 घंटे 40 मिनट देर से टाटानगर पहुंची। इन ट्रेनों की देरी का असर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ा।
हावड़ा और खड़गपुर रूट की ट्रेनों में भी समयपालन की समस्या देखने को मिली। हावड़ा-पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस औसतन 6 घंटे 49 मिनट देर से चली। संतरागाछी-आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस की औसत देरी 5 घंटे रही। संतरागाछी-आरकेएमपी हमसफर एक्सप्रेस 4 घंटे 38 मिनट विलंब से पहुंची। लोकल रूट पर चलने वाली मेमू ट्रेनें भी प्रभावित रहीं। गुवा-टाटानगर मेमू औसतन 2 घंटे 1 मिनट देर से चली। पुरुलिया-झाड़ग्राम मेमू की देरी 1 घंटे 59 मिनट दर्ज की गई।
हालांकि, इस दौरान कुछ ट्रेनों का परिचालन सामान्य रहा। पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस तय समय पर स्टेशन पहुंची। कटिहार-टाटानगर ट्रेन भी निर्धारित समय पर आई। अमृतसर-टाटा एक्सप्रेस ने भी समय का पालन किया। गोड्डा-टाटा एक्सप्रेस के पहुंचने में देरी नहीं हुई। जयनगर-टाटानगर एक्सप्रेस भी समय पर टाटानगर पहुंची। इन सेवाओं ने यात्रियों को राहत दी। एनटीईएस के आंकड़ों से पता चलता है कि एक ही सप्ताह में टाटानगर आने वाली ट्रेनों के परिचालन में काफी अंतर रहा। जहां कई लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों देर से पहुंचीं, वहीं कुछ प्रमुख सेवाएं समय पर चलती रहीं।



