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सीरिया में असद सरकार गिरने के बाद मिली-जुली प्रतिक्रियाएं, पड़ोसी देशों में खुशी.

दमिश्क/अम्मान/बेरूत: सीरिया में बशर अल-असद की तानाशाही सरकार के पतन और जिहादी उग्रवादियों के सत्ता पर कब्जा करने के बाद क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं।

 

जहां कई लोग इसे खुशी के साथ देख रहे हैं, वहीं भविष्य को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं।

मुख्य बिंदु:

  1. सीरिया लौटने का सिलसिला शुरू:
    लेबनान के मसना बॉर्डर क्रॉसिंग पर हजारों सीरियाई नागरिक अपने देश लौटने के लिए उमड़े।
  2. 14 साल के इंतजार का अंत:
    हम्मा के शरणार्थी सामी अब्देल-लतीफ ने कहा, “कुछ भी असद से बेहतर है,” वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ सीरिया लौट रहे हैं।
  3. दमिश्क वापसी की तैयारी:
    मलाक मातर ने कहा, “अब सीरियाई नागरिकों को एक संगठित राज्य बनाना होगा और अपने देश की देखभाल करनी होगी।”
  4. जॉर्डन में जश्न:
    अम्मान निवासी मुहाब अल-मजाली ने कहा, “असद के पतन से अन्याय और तानाशाही शासन का अंत हो गया।”
  5. मिश्रित प्रतिक्रियाएं:
    कुछ विशेषज्ञों और आम नागरिकों ने नए शासन में अस्थिरता और कट्टरपंथ के खतरे को लेकर चिंता जताई है।
  6. पड़ोसी देशों में उम्मीद:
    लेबनान और तुर्की जैसे देशों में रहने वाले शरणार्थियों को उम्मीद है कि यह बदलाव सीरिया में स्थिरता और पुनर्निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा।
  7. युद्ध के बाद पुनर्निर्माण की चुनौती:
    विशेषज्ञों का मानना है कि सीरिया को फिर से खड़ा करने और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में सालों लग सकते हैं।
  8. अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं:
    पश्चिमी देशों ने तानाशाही शासन के पतन का स्वागत किया, लेकिन आतंकवादी संगठनों के नियंत्रण पर चिंता व्यक्त की।
  9. सीरियाई जनता का आत्मनिर्भर बनने का आह्वान:
    लौट रहे नागरिकों का मानना है कि अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने देश को बेहतर बनाएं।
  10. आशा और अनिश्चितता का मिश्रण:
    अधिकांश सीरियाई नागरिकों में असद के पतन के बाद खुशी तो है, लेकिन नए शासन के स्वरूप को लेकर संदेह भी है।

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