भविष्य में चुनौतियों से भरा होगा: नेपाल सेना प्रमुख.
देहरादून: नेपाल सेना प्रमुख जनरल प्रबुद्ध समशेर जंग बहादुर राणा ने शनिवार को कहा कि भविष्य में विघटनकारी तकनीकों के कारण कई चुनौतियां उत्पन्न होंगी।

यह बात उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में पासिंग आउट परेड के दौरान कही।
IMA में पासिंग आउट परेड:
भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड में 491 जेंटलमेन कैडेट्स (GCs) ने हिस्सा लिया।
इन 491 कैडेट्स में से 35 विदेशी कैडेट्स थे, जो विभिन्न देशों से आए हैं।
विघटनकारी तकनीकों की चर्चा:
जनरल राणा ने कहा कि नई तकनीकों के कारण युद्ध की परिभाषा बदल रही है।
विदेशी कैडेट्स की भागीदारी:
पासिंग आउट परेड में नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव, और अन्य देशों के कैडेट्स भी शामिल हुए।
यह भारत और अन्य देशों के बीच सैन्य सहयोग को दर्शाता है।
नेतृत्व और जिम्मेदारी:
जनरल राणा ने कैडेट्स से कहा कि एक अधिकारी के रूप में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं।
“आप केवल अपनी सेना का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि अपने देश के भविष्य के रक्षक भी हैं,” उन्होंने कहा।
भारत-नेपाल सैन्य संबंध:
नेपाल सेना प्रमुख ने भारत और नेपाल के सैन्य संबंधों को “मजबूत और ऐतिहासिक” बताया।
उन्होंने IMA से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले नेपाली अधिकारियों की प्रशंसा की।
तकनीक और मानवता का संतुलन:
जनरल राणा ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल मानवता की भलाई के लिए होना चाहिए।
उन्होंने सैन्य बलों को तकनीक के साथ नैतिकता पर भी ध्यान देने की सलाह दी।
IMA का योगदान:
IMA ने अब तक हजारों सैन्य अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है, जो दुनिया भर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
संस्थान के प्रशिक्षकों और कैडेट्स की मेहनत को जनरल राणा ने सराहा।
आगे की चुनौतियां:
जनरल राणा ने आने वाले समय में साइबर युद्ध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकी खतरों से निपटने की तैयारी पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि नए दौर के सैन्य अधिकारी इन चुनौतियों के लिए तैयार हों।
महत्वपूर्ण संदेश:
समारोह के अंत में, उन्होंने कहा, “एक अच्छा सैनिक न केवल ताकतवर होता है, बल्कि नैतिक रूप से भी मजबूत होता है।”