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अरुणाचल प्रदेश में 66 साल पहले 31 मार्च 1959 को 14वें दलाई लामा के भारत में ऐतिहासिक यात्रा को याद करते हुए सोमवार को “फ्रीडम ट्रेल ट्रेक” शुरू हुआ।

यह यात्रा अरुणाचल प्रदेश में दलाई लामा की भारत में ऐतिहासिक यात्रा की 66वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की जा रही है।

घटना का विवरण:

इस यात्रा का उद्देश्य दलाई लामा के शांति और अहिंसा के संदेश को फैलाना है।
यह यात्रा तवांग जिले के लुमला से शुरू हुई और जेमिथांग में समाप्त होगी।
इस यात्रा में कई बौद्ध भिक्षु और अनुयायी भाग ले रहे हैं।
दलाई लामा ने 1959 में तिब्बत में चीनी दमन से भागकर भारत में शरण ली थी।
उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के रास्ते भारत में प्रवेश किया था।
दलाई लामा को भारत में शरण देने के लिए भारत सरकार की व्यापक रूप से प्रशंसा की गई है।
दलाई लामा को उनके शांति के प्रयासों के लिए 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
दलाई लामा तिब्बत में मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के प्रबल समर्थक रहे हैं।

अतिरिक्त जानकारी:

यह यात्रा 7 दिनों तक चलेगी।
इस यात्रा में भाग लेने वाले लोग दलाई लामा के मार्ग का अनुसरण करेंगे।
यह यात्रा भारत और तिब्बत के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है।
इस यात्रा का उद्देश्य तिब्बत के लोगों के संघर्षों के बारे में जागरूकता बढ़ाना भी है।

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