
यह जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आई है।
मखना लगभग 60 साल का था और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। उसके शरीर पर कई जगह गहरे घाव थे। वन विभाग की टीम ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन वह असफल रही।
क्यों है यह खबर महत्वपूर्ण?
यह खबर वन्यजीव संरक्षण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे हमें यह पता चलता है कि जंगली जानवरों को बीमारियों से बचाने के लिए हमें क्या कदम उठाने चाहिए। साथ ही, यह हमें यह भी बताता है कि मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष को कैसे कम किया जा सकता है।