रांची की सीबीआई अदालत ने बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने इस मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। तीनों दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा का ऐलान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। यह फैसला सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार ने सुनाया। फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
जिन दोषियों को सजा सुनाई गई है उनमें मो. असलम अंसारी उर्फ पप्पू मियां शामिल है। इसके अलावा मो. कैफ और मो. गुरफान को भी दोषी ठहराया गया है। अदालत ने इससे पहले दो फरवरी को तीनों को दोषी करार दिया था। साक्ष्य के अभाव में दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। बरी किए गए आरोपियों में मो. इरफान और इश्तेखार मियां शामिल हैं। इश्तेखार मियां फिलहाल फरार बताया जा रहा है। एक नाबालिग आरोपी का मामला जेजे बोर्ड में लंबित है।
सीबीआई ने मामले में कुल पंद्रह गवाहों को पेश किया था। तीनों दोषियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में प्रस्तुत किया गया। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। यह आदेश सितंबर 2022 में दिया गया था। घटना छह फरवरी 2022 की है। सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान रूपेश पांडेय की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बरही थाना में 27 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। अदालत का यह फैसला कानून व्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है।



