चाईबासा में सरकारी राशि के कथित गबन से जुड़े मामले की जांच तेज हो गई है। सीआईडी इस मामले में विभिन्न बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। जांच के दौरान झारखंड के लिए खेल चुके फुटबॉलर गोराचांद मरांडी का नाम भी सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार सरकारी खजाने से 26.21 लाख रुपये की निकासी की गई थी। आरोप है कि एसपी कार्यालय के डीडीओ कोड का दुरुपयोग कर यह राशि विभिन्न खातों में भेजी गई। मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है। सीआईडी पूरे वित्तीय नेटवर्क को समझने का प्रयास कर रही है। दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों को सावधानीपूर्वक परखा जा रहा है। मामले को गंभीर आर्थिक अनियमितता के रूप में देखा जा रहा है।
जांच एजेंसी के अनुसार लेखा शाखा में पदस्थापित सिपाही देव नारायण मुर्मू की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि रिकॉर्ड में कथित बदलाव कर सरकारी राशि का हस्तांतरण किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि गोराचांद मरांडी के खाते में 1.67 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। इसके बाद एजेंसी ने उनके खाते के लेनदेन का विवरण जुटाना शुरू किया। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य धन के स्रोत और प्रवाह की पूरी जानकारी प्राप्त करना है। फिलहाल किसी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। मामले में कई बैंक खातों के दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच एजेंसी आवश्यक साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जांच की प्रक्रिया जारी है।
गोराचांद मरांडी लंबे समय से फुटबॉल से जुड़े रहे हैं। उन्होंने संतोष ट्रॉफी सहित कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया है। वह जमशेदपुर की फुटबॉल लीग में भी सक्रिय रहे हैं। खेल जगत में उनकी पहचान एक अनुभवी खिलाड़ी के रूप में रही है। वर्तमान में वह चाईबासा में निवास करते हैं। सीआईडी पोटका, रांची, चाईबासा और ओडिशा के बहलदा स्थित खातों की जांच कर रही है। बैंकिंग लेनदेन की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।



