रांची जिला प्रशासन ने खराब मौसम की आशंका को देखते हुए 28 और 29 अक्टूबर को स्कूलों में पढ़ाई स्थगित रखने का आदेश दिया है। यह फैसला चक्रवात ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखकर लिया गया है। आदेश के अनुसार, केजी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं नहीं होंगी। जिले के सभी सरकारी विद्यालय इसके दायरे में आएंगे। निजी स्कूलों को भी निर्देश का पालन करना होगा। गैर-सरकारी सहायता प्राप्त और अल्पसंख्यक विद्यालयों में भी पढ़ाई बंद रहेगी। मौसम विभाग ने झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। रांची में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए यह एहतियाती निर्णय लिया है। खराब मौसम के दौरान बच्चों को स्कूल आने से राहत मिलेगी। हालांकि, निजी स्कूलों में पहले से तय परीक्षाओं को लेकर प्रबंधन को फैसला लेने की छूट दी गई है। स्कूल अपने स्तर पर परीक्षा आयोजित करने या स्थगित करने का निर्णय कर सकते हैं। इस निर्णय की जानकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को देना अनिवार्य होगा।
विद्यार्थियों की कक्षाएं बंद रहने के बावजूद शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। शिक्षक-शिक्षिकाओं को 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल पहुंचकर गैर-शैक्षणिक कार्य करने होंगे। इस दौरान उन्हें सौंपे गए प्रशासनिक और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य पूरे करने होंगे। सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। गैर-सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में भी शिक्षकों की हाजिरी इसी पोर्टल पर दर्ज होगी। स्कूल प्रबंधन को इस व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करना होगा।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों और विद्यार्थियों से मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने की अपील की है। खराब मौसम में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने को कहा गया है। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। स्कूल प्रबंधन को छुट्टी और परीक्षा संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से साझा करनी होगी। शिक्षकों को निर्धारित दिनों में विद्यालय पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। प्रशासन ने सभी स्कूलों और परिवारों से जारी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतना जरूरी बताया गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना इस आदेश का प्रमुख उद्देश्य है।



