इंडो-पाक पोस्ट पर गिरफ्तार छात्रा को हाईकोर्ट से जमानत.
सरकार को फटकार, तत्काल रिहाई का आदेश.
उच्च न्यायालय ने मंगलवार को इंडो-पाक संघर्ष पर एक पोस्ट साझा करने के आरोप में गिरफ्तार की गई छात्रा को जमानत दे दी। अदालत ने सरकार को फटकार लगाते हुए छात्रा को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि छात्रा को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए था क्योंकि उसने पोस्ट को तुरंत हटा दिया था।
न्यायमूर्ति [संबंधित न्यायाधीश का नाम] की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि छात्रा ने अपनी गलती का एहसास होने पर तुरंत पोस्ट हटा दी थी, इसलिए उसे हिरासत में रखना अनुचित है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए, जब तक कि वह हिंसा या घृणा को बढ़ावा न दे। छात्रा को जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हुए, अदालत ने उसे भविष्य में सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी।
उच्च न्यायालय ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले में गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं थी। अदालत ने कहा कि सरकार को नागरिकों की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए और मामूली मामलों में कठोर कार्रवाई से बचना चाहिए। छात्रा की तत्काल रिहाई का आदेश दिया गया है।



