वाराणसी में अवैध कफ सिरप बिक्री का मामला सामने आते ही पूरे उत्तर भारत में चर्चा शुरू हो गई। इस पूरे मामले का धागा सीधे रांची से जुड़ता पाया गया। करोड़ों की कफ सिरप सप्लाई ने स्वास्थ्य तंत्र और प्रशासन दोनों को गंभीर सवालों के घेरे में ला दिया है। यूपी पुलिस ने पहले ही कई व्यापारियों पर कार्रवाई की थी। इसी आधार पर रांची में जांच शुरू हुई। अवैध सप्लाई का पैटर्न बेहद संगठित पाया गया।
28 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होने से इस नेटवर्क की गंभीरता और स्पष्ट हो गई। शैली ट्रेडर्स इस अवैध कारोबार का मुख्य केंद्र बताया जा रहा है। आरोप है कि यहां से भारी मात्रा में फेंसेडाइल भेजा गया। पुलिस ने कई दस्तावेज और स्टॉक रजिस्टर जब्त किए। पूरा मामला राज्य स्तर पर सबसे बड़ा साइकोट्रॉपिक ड्रग रैकेट माना जा रहा है। कई सरकारी टीमें इसकी जांच में जुटी हैं। रैकेट के मास्टरमाइंड की खोज जारी है।
धनबाद में मिले सैंपल में कोडीन की खतरनाक मात्रा पाई गई। इससे इस कारोबार की गंभीरता और भयावहता का अंदाजा लगता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि ऐसी दवाएं सीधे तौर पर शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं। प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव और निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है। आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह मामला नशे के खिलाफ लड़ाई का अहम पड़ाव साबित हो सकता है।



