
यह संख्या देश में तीसरे स्थान पर है। इस मामले में पश्चिम बंगाल (3254) और राजस्थान (2187) पहले और दूसरे स्थान पर हैं।
यह रिपोर्ट तेलंगाना के स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर चुनौतियों को उजागर करती है। 2000 से अधिक शिक्षक ऐसे स्कूलों में कार्यरत हैं जहां कोई छात्र नहीं है। यह सवाल उठाता है कि क्या ये शिक्षक खाली कक्षाओं में बेंचों और दीवारों को पढ़ा रहे हैं।
इसके अलावा, राज्य में 5985 स्कूल ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक है और 88,429 छात्र हैं। 42,901 स्कूलों में से 11.8% में 10 से कम छात्र हैं, जबकि केवल 8.7% स्कूलों में 500 से अधिक छात्र हैं।
यह स्थिति राज्य सरकार के लिए चिंता का विषय है। सरकार को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे।