पूर्व आईएएफ अधिकारी ने जोर देकर कहा कि इस प्रकार की हवाई पट्टियां ऐसे समय में महत्वपूर्ण हो सकती हैं जब पारंपरिक हवाई अड्डों को नुकसान पहुंचा हो या वे दुर्गम हों। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में सैन्य विमानों, राहत सामग्री ले जाने वाले विमानों और बचाव कार्यों में लगे हेलीकॉप्टरों के संचालन के लिए ये पट्टियां त्वरित और प्रभावी समाधान प्रदान कर सकती हैं। इन पट्टियों की मजबूती यह सुनिश्चित करती है कि भारी विमान भी सुरक्षित रूप से उतर और उड़ान भर सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि इन हवाई पट्टियों का निर्माण इस तरह से किया जाता है कि सामान्य समय में ये सड़कों के हिस्से के रूप में उपयोग की जा सकें और आवश्यकता पड़ने पर इन्हें कम समय में हवाई पट्टी के रूप में परिवर्तित किया जा सके। यह दोहरा उपयोग इन्हें एक किफायती और कुशल विकल्प बनाता है। भारत में भी कई राजमार्गों पर आपातकालीन हवाई पट्टियां विकसित की गई हैं, जो देश की आपदा प्रबंधन और रक्षा तैयारियों को मजबूत करती हैं।



