सिराज-उर आतंकी साजिश मामले की गंभीरता को देखते हुए, इसे अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपने का निर्णय लिया गया है। प्रारंभिक जांच में इस साजिश के विदेशों में स्थित आतंकी नेटवर्कों से खतरनाक संबंध सामने आए हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
जांच एजेंसियों ने पाया है कि इस साजिश के लिए ओमान स्थित कुछ संचालकों से फंडिंग प्राप्त हुई थी। इस फंडिंग का उद्देश्य कई विस्फोटों को अंजाम देना था, जिससे देश में अशांति फैलाई जा सके। इन चौंकाने वाले खुलासों के बाद, मामले की व्यापक और गहन जांच के लिए इसे एनआईए को हस्तांतरित किया जा रहा है, जो आतंकवाद से जुड़े मामलों की विशेषज्ञ एजेंसी है।
एनआईए अब इस मामले की तह तक जाएगी और विदेशों में फैले इसके नेटवर्क का पर्दाफाश करने का प्रयास करेगी। इस साजिश में शामिल अन्य व्यक्तियों और उनके मंसूबों का पता लगाने के लिए भी गहन जांच की जाएगी। इस मामले के एनआईए को सौंपे जाने से उम्मीद है कि आतंकी साजिश के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।


