बंबई HC ने मृतक के परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया
बंबई उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मध्य रेलवे को एक रेल दुर्घटना के मृतक के परिवार को 8 लाख रुपये का मुआवजा ब्याज सहित भुगतान करने का आदेश दिया है।
न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि रेलवे को यह साबित करना होगा कि मृतक के पास टिकट नहीं था, न कि शोकग्रस्त परिवार को यह साबित करना पड़े कि उनके पास टिकट था। यह फैसला पीड़ितों के परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है और रेलवे की जवाबदेही तय करता है।
अदालत ने कहा कि रेलवे अधिनियम के तहत, यदि कोई व्यक्ति ट्रेन से गिरकर मर जाता है, तो परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए, जब तक कि रेलवे यह साबित न कर दे कि मृतक अनाधिकृत यात्री था। इस मामले में, मध्य रेलवे यह साबित करने में विफल रहा कि दुर्घटना के समय मृतक के पास वैध टिकट नहीं था। न्यायालय ने माना कि केवल यह तथ्य कि मृतक के पास टिकट नहीं मिला, यह साबित नहीं करता कि वह बिना टिकट यात्रा कर रहा था, खासकर दुर्घटना की स्थिति में जहां टिकट खो सकता है।
यह फैसला रेलवे दुर्घटनाओं में पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है कि मुआवजे के दावों में सबूत का बोझ रेलवे पर है, न कि पीड़ित पक्ष पर। यह निर्णय उन अनगिनत परिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो रेलवे दुर्घटनाओं के बाद न्याय और मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे हैं।



