युद्धों की अनिश्चितता पर सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी का जोर.
आधुनिक सैन्य तैयारी के तीन पहलुओं का उल्लेख.
नई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने आधुनिक युद्ध की अनिश्चित प्रकृति पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि आज के युद्ध पारंपरिक तरीकों से अलग हैं और उनकी भविष्यवाणी करना मुश्किल है। जनरल द्विवेदी ने आधुनिक सैन्य तैयारी के लिए तीन प्रमुख पहलुओं पर जोर दिया, जो भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक हैं।
जनरल द्विवेदी ने इन तीन पहलुओं को रेखांकित किया: फोर्स विज़ुअलाइज़ेशन (Force Visualisation), जिसका अर्थ है भविष्य के युद्धों के लिए सेना की क्षमताओं का अनुमान लगाना; फोर्स प्रोटेक्शन (Force Protection), जिसका अर्थ है सैनिकों और सैन्य संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना; और फोर्स एप्लीकेशन (Force Application), जिसका अर्थ है युद्ध के दौरान प्रभावी ढंग से बल का उपयोग करना। उन्होंने कहा कि ये तीनों पहलू एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
जनरल द्विवेदी का यह बयान इस बात को दर्शाता है कि भारतीय सेना भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर रही है। उनका मानना है कि केवल इन तीन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करके ही भारत किसी भी संभावित खतरे का सामना कर सकता है।



