रांची : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी नई वर्गीकरण प्रणाली को लेकर उद्योग जगत में हलचल तेज हो गई है। कई उद्योग इसे सख्ती तो कई आवश्यक सुधार मान रहे हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रणाली उद्योगों को जिम्मेदार बनाएगी। लाल श्रेणी वाले उद्योगों को अपने प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम को मजबूत करना होगा, जबकि सफेद श्रेणी को राहत मिलेगी।
नई नीली श्रेणी छोटे स्तर के घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन कार्यों में पारदर्शिता लाएगी। 403 क्षेत्रों के नए वर्गीकरण से राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर औद्योगिक निगरानी और प्रभावी होगी।



