तेतुलिया जमीन घोटाले में कानूनी कार्रवाई तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने बिमल अग्रवाल की याचिका खारिज कर दी। वे राजवीर कंस्ट्रक्शन के निदेशक हैं। पहले भी अदालतों से राहत नहीं मिली थी। हाईकोर्ट ने भी याचिका अस्वीकार की थी। इसके बाद सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी गई।
मामला चार करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान से जुड़ा है। उमायुष कंपनी को यह राशि दी गई थी। जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं। आर्थिक अनियमितता के आरोप लगे हैं। अदालत ने विस्तृत सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची की पीठ ने आदेश सुनाया। अग्रिम जमानत से इनकार किया गया। इससे कानूनी स्थिति गंभीर हो गई है। आगे गिरफ्तारी की संभावना बढ़ी है। जांच की दिशा तय होगी। मामला अभी चर्चा में बना हुआ है।



