रांची में न्यायिक सख्ती का एक और मामला सामने आया है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति की अदालत ने डोरंडा थाना प्रभारी को तलब किया है। रांची के एसपी को भी सुबह 11:30 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी को वर्चुअल रूप से पेश होने को कहा गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश की अवहेलना स्वीकार नहीं की जाएगी।
अधिवक्ता मनोज टंडन ने अदालत को जानकारी दी कि गुरुवार को वे दस्तावेज के साथ डोरंडा थाना पहुंचे थे। उनका कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद उनकी कार शाम छह बजे तक नहीं छोड़ी गई। इसे आदेश की अवहेलना बताया गया। अदालत ने इस पर नाराजगी जताई। मामले को गंभीर मानते हुए अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई। इससे प्रशासनिक जवाबदेही तय होगी।
सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार और अधिवक्ता दीपंकर ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि रांची सिविल कोर्ट में इससे संबंधित क्रिमिनल रिवीजन लंबित है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेश पर रोक की बात कही गई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद निर्देश जारी किए। अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर है। मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।



