रांची में आजसू पार्टी के रांची जिला उपाध्यक्ष डॉ. पार्थ पारितोष के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में कई चिकित्सक शामिल थे। सभी ने मिलकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में चतरा एयर एंबुलेंस दुर्घटना की जांच की मांग की गई। यह दुर्घटना 23 फरवरी 2026 को हुई थी। हादसे में कई लोगों की असामयिक मौत हुई थी। घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। चिकित्सा समुदाय में गहरा शोक देखा गया। दुर्घटना में चिकित्सक डॉ. विकास गुप्ता का भी निधन हुआ था। उनकी मौत से डॉक्टरों में दुख का माहौल है।
डॉ. पार्थ पारितोष ने कहा कि दुर्घटना से जुड़े कई गंभीर सवाल सामने आए हैं। जानकारी मिली है कि विमान में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर मौजूद नहीं था। यदि यह सच है तो यह बेहद चिंताजनक मामला है। बिना ब्लैक बॉक्स के विमान संचालन पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है। मौसम विभाग ने पहले ही खराब मौसम की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद विमान को उड़ान की अनुमति दी गई। इस निर्णय की भी जांच की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच पर जोर दिया। पूरे मामले को गंभीर सुरक्षा लापरवाही बताया गया।
ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। दुर्घटना की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराने की अपील की गई। ब्लैक बॉक्स की अनुपस्थिति की जांच की मांग उठाई गई। मौसम चेतावनी के बावजूद टेकऑफ अनुमति की जांच की बात कही गई। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की गई। दिवंगत डॉ. विकास गुप्ता के छह वर्षीय पुत्र की शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार से लेने की अपील की गई। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की उम्मीद जताई। राज्यपाल से शीघ्र हस्तक्षेप की अपेक्षा व्यक्त की गई। मामले को मानवता और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया गया।



