सीबीआई अदालत का बड़ा फैसला, रिश्वतखोर कर्मचारी को सजा.
तीन साल की सजा और जुर्माने से दिया सख्त संदेश.
रांची में सीबीआई की विशेष अदालत ने रिश्वतखोरी के मामले में अहम फैसला सुनाया है। सीसीएल के कर्मचारी मोहम्मद महफूज आलम को दोषी ठहराया गया है। अदालत ने उसे तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। आरोपी रामगढ़ के बरका सयाल क्षेत्र में कार्यरत था। वह एलडीसी ग्रेड-II के पद पर था। इस मामले ने विभाग में हलचल मचा दी थी। अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर निर्णय दिया है। यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश देता है। प्रशासन ने इसे महत्वपूर्ण बताया है।
मामले में आरोप है कि आरोपी ने रिश्वत की मांग की थी। उसने अंगद कुमार महतो से पांच हजार रुपये मांगे थे। यह राशि लीव एनकैशमेंट भुगतान के लिए मांगी गई थी। फाइल को आगे बढ़ाने के लिए पैसे मांगे गए थे। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना सीबीआई को दी। सीबीआई ने योजना बनाकर कार्रवाई की। जून 2020 में आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया। उस समय वह रिश्वत ले रहा था। सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया।
अदालत में सुनवाई के दौरान कई साक्ष्य पेश किए गए। गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने फैसला सुनाया। आरोपी को दोषी करार दिया गया। सजा और जुर्माना दोनों तय किए गए। इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी मिली है। ईमानदारी से काम करने पर जोर दिया गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। लोगों ने इस फैसले का समर्थन किया है। प्रशासन सतर्कता बरतने की बात कह रहा है।



