रांची में झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गैस संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठा। घरेलू और कॉमर्शियल गैस की कमी पर सदन में चर्चा हुई। विधायक प्रदीप यादव के सवाल पर सरकार ने जवाब दिया। संसदीय कार्यमंत्री राधा कृष्ण किशोर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके कारण सिलेंडर वितरण में देरी हो रही है। पहले 48 घंटे में गैस मिल जाती थी। अब आपूर्ति में तीन से चार दिन लग रहे हैं। कई क्षेत्रों में लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही।
मंत्री ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में बुकिंग अवधि बढ़ा दी गई है। पहले 15 दिन की अवधि थी। अब इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अवधि 45 दिन कर दी गई है। यह निर्णय आपूर्ति संतुलन के लिए लिया गया है। राज्य में कॉमर्शियल गैस की कमी अधिक बताई गई है। झारखंड को हर महीने 2273 मीट्रिक टन गैस की जरूरत होती है। लेकिन फिलहाल केवल 80 प्रतिशत आपूर्ति मिल रही है। इससे उपलब्धता घटकर लगभग 1818 मीट्रिक टन रह गई है। कई जिलों में परेशानी बढ़ने की आशंका है। सरकार ने जल्द सुधार का भरोसा दिया।
मंत्री ने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट गैस पर निर्भर हैं। औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर भी इसका असर पड़ सकता है। आपूर्ति घटने से कारोबार प्रभावित होने की संभावना है। इससे राज्य के जीएसटी राजस्व पर असर पड़ सकता है। सरकार ने तेल कंपनियों के साथ बैठक की जानकारी दी। 14 मार्च 2026 को अधिकारियों के साथ चर्चा हुई थी। भारत सरकार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की गई। समस्या समाधान के लिए समन्वय जारी है। जल्द आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। सदन में सरकार ने स्थिति सुधारने का आश्वासन दिया।



