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चंदरपुर मार्ग की पुलिया बनी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण.

ग्रामीणों ने नई पुलिया निर्माण की मांग दोहराई.

पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा क्षेत्र में एक जर्जर पुलिया लोगों की चिंता का कारण बनी हुई है। खण्डामौदा और चंदरपुर चौक को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क मानी जाती है। पुलिया की खराब स्थिति के कारण राहगीरों को हर दिन जोखिम उठाना पड़ रहा है। दोनों ओर गहरी खाई होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पुलिया पर सुरक्षा रेलिंग नहीं होने से खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। कुछ मामलों में लोगों और मवेशियों की जान जाने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। ग्रामीण लगातार समाधान की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है।

ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा है। भाजपा नेता ऋषि सारंगी ने भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया था। स्थानीय विधायक समीर मोहंती को भी समस्या से अवगत कराया गया था। लोगों का कहना है कि अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। पुलिया की स्थिति के कारण वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है। रात के समय खतरा और अधिक बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मार्ग विशेष रूप से जोखिमपूर्ण है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासनिक उदासीनता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होनी चाहिए थी। अब लोग जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पुलिया पर मजबूत रेलिंग लगाई जानी चाहिए। इसके साथ ही नई पुलिया निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होनी चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा किसी भी विकास योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने संबंधित विभागों से मौके का निरीक्षण करने की मांग की है। स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। लोगों का कहना है कि इससे भविष्य में दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। मामले को लेकर लोगों में चिंता और उम्मीद दोनों बनी हुई हैं।

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