जामताड़ा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर थाना की टीम ने संयुक्त छापेमारी कर नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई करमाटांड़ और जामताड़ा थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। आरोपियों के पास से 27 मोबाइल फोन और 39 सिम कार्ड बरामद किए गए। पुलिस ने सभी सामान को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार इन उपकरणों का इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।
जांच में पुलिस को साइबर ठगी के कई तरीके पता चले हैं। आरोपी लोगों को कैशबैक का लालच देकर फर्जी संदेश भेजते थे। लिंक स्वीकार करते ही पीड़ितों के खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे। कई मामलों में आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों से गोपनीय जानकारी लेते थे। इसके बाद बैंक खातों और ई-वॉलेट के जरिए ठगी की जाती थी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अमृत रुईदास एलएलबी का छात्र है। वह अपने ससुराल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान वह कथित रूप से साइबर गिरोह के संपर्क में आया। पुलिस अब उसके संपर्कों की भी जांच कर रही है। पूरे मामले में तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि कुछ आरोपियों पर पहले से भी साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की धाराओं में कार्रवाई की गई है। जांच एजेंसी बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। साइबर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी अज्ञात कॉल या लिंक पर भरोसा नहीं करने की सलाह दी गई है। साइबर अपराध रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।



