जम्मू-कश्मीर राज्य दर्जा विलंब पर स्वतः संज्ञान की मांग।
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए.
कई पूर्व नौकरशाहों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखा है।यह कदम जम्मू-कश्मीर के भविष्य को लेकर बढ़ती बेचैनी को दर्शाता है।
पत्र में, पूर्व नौकरशाहों ने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे को वापस लेने में हो रही अत्यधिक देरी पर प्रकाश डाला है। उनका तर्क है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली और लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए जल्द से जल्द राज्य का दर्जा दिया जाना आवश्यक है।
पूर्व जम्मू-कश्मीर वार्ताकार राधा कुमार ने बताया कि यह समूह 23 जुलाई को नई दिल्ली में सांसदों से मुलाकात करेगा और इस मामले पर उनका समर्थन मांगेगा। यह दबाव बनाने का एक प्रयास है ताकि सरकार इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से विचार करे और जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकार वापस मिल सकें।



