रांची : राज्य में शराब घोटाले की जांच अब अपने अहम चरण में पहुंच चुकी है. इसी क्रम में एसीबी ने मंगलवार को कर्ण सत्यार्थी से दूसरी बार पूछताछ की. उनसे विभागीय फैसलों, ठेकों के आवंटन और आर्थिक लेनदेन से जुड़े सवाल पूछे गए. अधिकारी से यह भी पूछा गया कि प्लेसमेंट एजेंसी को ठेका किसके प्रभाव में मिला था.
एसीबी यह भी जानना चाहती थी कि जब फर्जी बैंक गारंटी सामने आई तब तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई. साथ ही, अधिक मूल्य पर शराब बेचने की शिकायतों पर रोक क्यों नहीं लगी, यह भी पूछताछ का हिस्सा रहा. जांच दल ने उनसे संभावित लाभार्थियों और कमीशन चेन पर भी जानकारी मांगी.
जांच से जुड़े सूत्र बता रहे हैं कि कई जवाबों से एसीबी को नई दिशा मिली है. कर्ण सत्यार्थी और फैज अक अहमद मुमताज इस मामले में सरकारी गवाह बनाए जा सकते हैं. अब एसीबी सबूतों का विश्लेषण कर रही है और आगे दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।



