FSSAI ने खाद्य उत्पादों पर ‘ORS’ के इस्तेमाल पर लगाई रोक
नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक अहम फैसला लेते हुए सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) को अपने उत्पादों की लेबलिंग और विज्ञापनों में 'ORS' (Oral Rehydration Solution) शब्द का उपयोग तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है।
प्राधिकरण ने इस तरह की प्रथाओं को उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला करार दिया है। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि ORS शब्द का उपयोग, चाहे ट्रेडमार्क नामों में हो या किसी भी खाद्य उत्पाद के नामकरण में, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन माना जाएगा।
14 अक्टूबर को जारी अपने आदेश में FSSAI ने जुलाई 2022 और फरवरी 2024 के पहले के निर्देशों को भी वापस ले लिया है, जिनमें ORS शब्द के उपयोग की शर्तों के साथ छूट दी गई थी। उन निर्देशों में उत्पाद पर यह घोषणा अनिवार्य थी कि “यह उत्पाद WHO द्वारा अनुशंसित ORS फॉर्मूला नहीं है”। लेकिन प्राधिकरण ने समीक्षा के बाद पाया कि इस तरह के उपयोग से उपभोक्ता “झूठे, भ्रामक, अस्पष्ट और गलत नामों/लेबल घोषणाओं” के माध्यम से गुमराह होते हैं। ORS का मानक उपयोग केवल विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अनुशंसित फॉर्मूलेशन वाले चिकित्सा उत्पादों के लिए ही आरक्षित है।
नए निर्देशों के तहत, ORS शब्द का इस्तेमाल अब गुमराह करने वाला (misleading) और गलत ब्रांडिंग (misbranded) माना जाएगा, जिससे FBOs पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है। यह फैसला जन स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और उपभोक्ता हितों की रक्षा करने के FSSAI के संकल्प को दर्शाता है। खाद्य व्यवसायों को तुरंत अपने सभी उत्पादों के नामों, ट्रेडमार्कों और लेबलिंग से ‘ORS’ शब्द को हटाना होगा ताकि अधिनियम का सख्त अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।



