रांची: झारखंड शराब घोटाले की जांच अब तेज होती दिख रही है और मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बड़ा कदम उठाया। ईडी अधिकारियों ने होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार पहुंचकर एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार पांच आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ किए गए लोगों में महेश सीताराम, परेश ठाकोर, विक्रम ठाकोर, बिपिन जाधवभाई परमार और जगन ठाकोर देसाई शामिल हैं। अधिकारियों ने करीब घंटों की पूछताछ में कई अहम सवाल पूछे। यह कार्रवाई झारखंड की राजनीति और प्रशासनिक स्तर पर चर्चाओं का कारण बनी हुई है।
ईडी ने पूछताछ की अनुमति के लिए पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश की अदालत में आवेदन दिया था। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद ही जेल में मौजूद इन आरोपियों से पूछताछ की गई। ईडी ने अपने आवेदन में कहा था कि VHSCPL और MISSPL ने फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। VHSCPL ने 5.35 करोड़ और MISSPL ने 5.02 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी दी थी। इस मामले में संबंधित कंपनियों के निदेशकों की भूमिका गंभीर मानी जा रही है।
इस मामले में एसीबी ने प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद मई महीने में प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी में वरिष्ठ IAS विनय चौबे, उत्पाद विभाग के संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह और अन्य अधिकारियों को नामजद किया गया था। इस केस में अब तक दर्जनभर गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और कई आरोपी जमानत पर बाहर हैं। इस कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि जांच और तेजी से आगे बढ़ेगी। झारखंड में यह घोटाला अब राजनीतिक और प्रशासनिक संकट का रूप लेता दिख रहा है।


