बिहार में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के तहत जारी अंतिम मतदाता सूची पर विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने इसे घोटाला करार देते हुए चुनाव आयोग से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है। राजद ने तो यहां तक कहा कि भाजपा ने मतदाता सूची में “घुसपैठियों” की मिलावट की है।
चुनाव आयोग द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल मतदाता संख्या 7.42 करोड़ दर्ज की गई है। यह 24 जून को जारी मतदाता सूची से 47 लाख कम है, जब कुल मतदाता 7.89 करोड़ थे। 1 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में 65 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे।
राजद सहित विपक्षी दलों ने इन आंकड़ों को संदेहास्पद बताया और आरोप लगाया कि मतदाता सूची में जानबूझकर हेरफेर किया गया है। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर किया गया, जबकि भाजपा समर्थित तत्वों को जोड़ा गया है। विपक्ष ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता बरतने और विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि गड़बड़ी दूर नहीं हुई, तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।



