शिक्षा बजट के बावजूद दरभंगा छात्र 23 सालों से पेड़ तले पढ़ते।
दरभंगा, बिहार: एक तरफ जहां भारत सरकार शिक्षा पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करती है.
वहीं बिहार के दरभंगा जिले के गोदियारी गांव में एक कड़वी सच्चाई सामने आई है। यहां के स्कूल छात्र पिछले 23 सालों से खुले आसमान के नीचे, एक पीपल के पेड़ की छांव में पढ़ने को मजबूर हैं। यह स्थिति शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के बड़े अंतर को दर्शाती है।
गोदियारी गांव के इन छात्रों के लिए पीपल का पेड़ ही उनकी एकमात्र उम्मीद है। न तो उनके पास उचित कक्षाएं हैं, न ब्लैकबोर्ड और न ही अन्य बुनियादी सुविधाएं। बरसात और अत्यधिक गर्मी के मौसम में उनकी पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो जाती है
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से स्कूल भवन के निर्माण की गुहार लगाई है, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है क्योंकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार नहीं मिल पा रहा है। यह घटना शिक्षा के क्षेत्र में योजना और कार्यान्वयन के बीच के बड़े अंतर को दर्शाती है, और यह मांग करती है कि सरकार जल्द से जल्द इस गांव के बच्चों के लिए एक उचित स्कूल भवन का निर्माण करे।



