नई दिल्ली: दिल्ली का करीब 300 साल पुराना मेहरम नगर गाँव इस समय तनाव में है। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) द्वारा गाँव को बेदखली का नोटिस दिए जाने के बाद से यहाँ के निवासियों में जबरदस्त आक्रोश है। इस नोटिस के विरोध में गाँव वालों ने एक महापंचायत का आयोजन किया, जहाँ उन्होंने संगठित रूप से विरोध करने का फैसला किया है।
मेहरम नगर के निवासियों का कहना है कि वे अपने पुरखों के घरों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना है कि यह गाँव सदियों से उनकी पहचान रहा है। ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि उन्हें अपने घर छोड़ने पड़े तो नई आजीविका और रहने के स्थान की अनिश्चितता होगी। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि इतने पुराने गाँव को अचानक क्यों विस्थापित किया जा रहा है।
महापंचायत में यह निर्णय लिया गया कि वे इस नोटिस के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और साथ ही शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। ग्रामीणों ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और उनके पुनर्वास के लिए एक स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।



