तथ्य छिपाने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने व्यापारी पर जुर्माना लगाया.
मुंबई, महाराष्ट्र: ट्रेडमार्क विवाद से जुड़े एक मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने तथ्यों को छिपाने के लिए एक जूता कारोबारी पर ₹50 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है।
न्यायालय ने यह कड़ा रुख अदालत के सामने सच्चाई पेश न करने और भ्रामक जानकारी देने के कारण अपनाया है। यह निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता के महत्व को दर्शाता है।
मामला एक जूते की कंपनी के मालिक और दिल्ली स्थित एक व्यापारी के बीच ट्रेडमार्क के उपयोग को लेकर था। इससे पहले, जून में पारित एक अंतरिम आदेश जूते कंपनी के मालिक के पक्ष में गया था, जिसमें दिल्ली के कारोबारी को विवादित ट्रेडमार्क का उपयोग करने से रोक दिया गया था। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि कारोबारी ने जानबूझकर कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया या तोड़-मरोड़ कर पेश किया, जिससे अदालत को गुमराह करने का प्रयास किया गया था।
न्यायालय ने कहा कि अदालती प्रक्रिया में सत्यनिष्ठा सर्वोपरि है और तथ्यों को छिपाना न्याय की प्रक्रिया में बाधा डालने के समान है। कोर्ट ने यह भारी जुर्माना इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर लगाया है ताकि एक नजीर पेश की जा सके। कारोबारी को निर्देश दिया गया है कि वह निर्धारित समय के भीतर जुर्माने की राशि जमा कराए। यह फैसला व्यावसायिक विवादों में कानूनी प्रक्रिया के प्रति जवाबदेही को मजबूत करता है।


