नई दिल्ली: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज घोषणा की है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) पूरे देश से वापस चला गया है। इसी के साथ, देश में उत्तर-पूर्वी मानसून (Northeast Monsoon) का मौसम शुरू हो गया है, जो मुख्य रूप से दक्षिण और तटीय राज्यों में बारिश लाएगा। दक्षिण-पश्चिम मानसून का यह मौसम अतिरिक्त बारिश, जल्दी शुरुआत और तीव्र बाढ़ जैसी घटनाओं के लिए याद किया जाएगा।
आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी इस साल निर्धारित समय के आसपास हुई है, लेकिन इसने कई राज्यों को सरप्लस बारिश दी है। मानसून की असामान्य तीव्रता के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की गंभीर समस्याएँ देखने को मिलीं। अब उत्तर-पूर्वी मानसून की शुरुआत से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और दक्षिण तटीय कर्नाटक जैसे राज्यों में बारिश होने की संभावना है।
उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान होने वाली बारिश दक्षिण भारत की खेती और जल भंडारण के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। मौसम विभाग ने तटीय क्षेत्रों में मछुआरों और निचले इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इस मौसम परिवर्तन के साथ ही, उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम शुष्क होना शुरू हो जाएगा और तापमान में गिरावट आएगी।



