चाईबासा के परमेश्वर पूरती को लगा कि कोई सरकारी अधिकारी बात कर रहा है। उसे बताया गया कि जीवन प्रमाण पत्र अपडेट नहीं होने के कारण उसकी सुविधा बंद हो सकती है। बातचीत दोस्ताना थी और भरोसा बढ़ता गया। धीरे-धीरे उनसे खाते की जानकारी मांगी गई और फिर कई ट्रांजेक्शन में 16.92 लाख रुपये निकाल लिए गए।
जब मोबाइल पर बैंक संदेश आने लगे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। तुरंत उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस हरकत में आई और बैंक खाते को ब्लॉक कराया।
तकनीकी जांच शुरू हुई और देवघर में आरोपी सकीर अंसारी पुलिस के शिकंजे में आ गया। उसने अपने साथियों के नाम बताने शुरू कर दिए हैं। अब पुलिस पूरी टीम की खोज में लगी है। इस घटना ने लोगों को फिर एक बार सतर्क होने की चेतावनी दी है।


