रांची नगर निगम की आर्थिक स्थिति को लेकर ऑडिट रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में आय और खर्च का विस्तृत विवरण दिया गया है। निगम को 255.88 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। इसके मुकाबले खर्च 260.62 करोड़ रुपये से अधिक रहा। इससे निगम को घाटा झेलना पड़ा है। स्थापना और प्रशासनिक खर्च मुख्य वजह बने हैं। ऑपरेशन और मेंटेनेंस खर्च भी बढ़ा है। बजट संतुलन बिगड़ गया है। यह स्थिति चिंता का विषय है।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल की तुलना में आय कम हुई है। टैक्स और संपत्ति से कम राजस्व मिला। फीस और यूजर चार्ज से भी गिरावट दर्ज की गई। राजस्व अनुदान में सबसे ज्यादा कमी आई है। इससे निगम की योजनाओं पर असर पड़ सकता है। वित्तीय संसाधनों की कमी साफ दिख रही है। निगम को आय के नए स्रोत तलाशने होंगे।
खर्च की बात करें तो स्थापना मद में सबसे ज्यादा राशि खर्च हुई। संपत्ति के मूल्य ह्रास पर भी बड़ी रकम दर्ज हुई। सब्सिडी और ब्याज भुगतान ने खर्च बढ़ाया। विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय अनुशासन जरूरी है। टैक्स वसूली सुधारनी होगी। खर्च नियंत्रण पर ध्यान देना होगा। ऑडिट रिपोर्ट ने स्थिति साफ कर दी है। अब सुधारात्मक कदम जरूरी हैं।


