देवनद पुल के पास हुआ ट्रेलर हादसा कई सवाल खड़े करता है। सीमेंट की आड़ में शराब ले जाना सुनियोजित तस्करी को दर्शाता है। यह केवल दुर्घटना नहीं बल्कि सिस्टम की परीक्षा है। पुलिस की सतर्कता से मामला सामने आया। हादसे ने तस्करों की चाल उजागर कर दी।
हाईवे का इस्तेमाल तस्करी के लिए लगातार हो रहा है। चालक और उपचालक का फरार होना गंभीर संकेत है। हादसे के बाद लोगों द्वारा शराब ले जाना भी चिंता का विषय है। यह सामाजिक जिम्मेदारी पर सवाल उठाता है। कानून का डर कमजोर पड़ता दिख रहा है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। लेकिन ऐसे मामलों में निगरानी और मजबूत करनी होगी। तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म करना जरूरी है। हाईवे सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। तभी ऐसी घटनाओं पर रोक लग सकेगी।


