रांची में रिम्स परिसर अतिक्रमण विवाद का आज बड़ा समाधान सामने आया. झारखंड हाईकोर्ट ने सभी विरोध याचिकाएं खारिज कर दीं. कोर्ट ने कहा कि अस्पताल की जमीन अवैध कब्जे से मुक्त होनी चाहिए. अदालत ने हस्तक्षेप याचिका भी अस्वीकार कर दी. हाईकोर्ट ने माना कि प्रशासन सही दिशा में काम कर रहा है. इस निर्णय से चल रहा अभियान और सशक्त हो गया है. विरोध करने वालों के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है. रिम्स के मरीजों के लिए यह निर्णय उम्मीदों का रास्ता खोलता है. परिसर में अतिक्रमण लंबे समय से मुख्य समस्या रहा है.
सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे. डीसी और एसएसपी ने अदालत में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की. प्रशासन ने बताया कि पूर्व आदेशानुसार 72 घंटे दिए गए थे. इसके बाद भी कई लोगों ने जगह खाली नहीं की. अदालत ने प्रशासन की दलीलों को उचित माना. रिम्स परिसर में बड़े पैमाने पर बेढंगा निर्माण पाया गया था. अतिक्रमण हटने से अस्पताल की मूल संरचना भी उभरेगी. इससे मरीजों और कर्मचारियों दोनों को सुविधा मिलेगी. यह कार्रवाई शहर के स्वास्थ्य ढांचे में बदलाव लाएगी. पुलिस और प्रशासन ने कहा कि अभियान जारी रहेगा.
कैलाश कोठी पर लगी रोक अभी जारी है. अदालत ने इसकी सुनवाई अगले सोमवार तय की है. अन्य स्थानों पर कार्रवाई पहले की तरह जारी रहेगी. स्थानीय लोगों ने फैसले को सकारात्मक माना है. कई लोग इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ी सफलता बता रहे हैं. रिम्स परिसर अब धीरे-धीरे व्यवस्थित स्वरूप में लौट सकता है. शहर की जरूरतें बढ़ने के साथ यह कदम अत्यंत आवश्यक था. अदालत के फैसले के बाद माहौल काफी स्पष्ट हो चुका है. अब नजरें अभियान के अगले चरण पर हैं.


