हाई-टेक सुरक्षा से लैस ‘आसमान से नजर, जमीन पर बल’.
श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर: आगामी अमरनाथ यात्रा 2025 को लेकर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।
22 अप्रैल के आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में, इस वर्ष की यात्रा केवल एक आध्यात्मिक तीर्थयात्रा ही नहीं, बल्कि एकता और संकल्प की घोषणा भी होगी। अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाई-टेक सुरक्षा उपायों का एक अभूतपूर्व समन्वय स्थापित किया है।
इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में ‘आसमान से नजर और जमीन पर बल’ की रणनीति अपनाई जा रही है। इसका अर्थ है कि ड्रोन और अन्य उन्नत निगरानी तकनीकों के माध्यम से पूरे यात्रा मार्ग पर हवाई निगरानी रखी जाएगी। यात्रा मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
यह व्यापक सुरक्षा overhaul (पूर्ण बदलाव) यह सुनिश्चित करने के लिए है कि लाखों श्रद्धालु बिना किसी डर के अपनी पवित्र यात्रा पूरी कर सकें। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी आतंकी मंसूबे को सफल नहीं होने देंगे। अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाना राष्ट्रीय प्राथमिकता है, जो देश की एकजुटता और आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।



