झारखंड के सरंडा रिजर्व पर SC ने फैसला सुरक्षित रखा.
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के पारिस्थितिक रूप से समृद्ध सरंडा क्षेत्र को संरक्षित वन (Conservation Reserve) घोषित करने की अधिसूचना से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
यह मामला केंद्र और राज्य सरकारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद से संबंधित है, जिसका सीधा असर क्षेत्र की वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के अधिकारों पर पड़ेगा। कोर्ट ने सभी पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय लिया है।
इससे पहले, शीर्ष अदालत ने झारखंड सरकार को सरंडा क्षेत्र को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित करने के संबंध में जल्द से जल्द निर्णय लेने के लिए कहा था। सरंडा एशिया के सबसे बड़े और सबसे घने साल वनों में से एक है, जो अपने समृद्ध खनिज भंडार और अद्वितीय जैव विविधता के लिए जाना जाता है। इस क्षेत्र को संरक्षित वन घोषित करने से यहाँ अवैध खनन और वन उत्पादों के दोहन पर रोक लग सकेगी, जिसका स्थानीय पर्यावरण पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का इंतजार पर्यावरणविदों और आदिवासियों दोनों को है, जिनकी आजीविका और संस्कृति इस वन क्षेत्र से जुड़ी हुई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है। अदालत का अंतिम निर्णय यह तय करेगा कि सरंडा क्षेत्र की पारिस्थितिकी को किस तरह की कानूनी सुरक्षा मिलेगी। यह फैसला झारखंड में पर्यावरण संरक्षण की नीतियों को एक नई दिशा प्रदान कर सकता है।



