यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब यह मामला राज्य में बड़े पैमाने पर जनता का ध्यान आकर्षित कर चुका है और कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सरकार को उम्मीद है कि इस रिपोर्ट से इस रहस्यमय मामले के पीछे की सच्चाई सामने आ पाएगी।
इस SIT का गठन इसी साल जुलाई में किया गया था, जब चिन्नय्या नामक एक व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि उसने धर्मास्थल के पास कई शवों को दफनाया है। चिन्नय्या ने अपने बयान में मुख्य रूप से महिलाओं के शवों का उल्लेख किया था, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी। यह मामला सार्वजनिक होने के बाद राज्य सरकार पर त्वरित और गहन जाँच का दबाव बढ़ गया था। SIT को सभी आरोपों की तह तक जाने और दफन किए गए शवों की पहचान करने का जिम्मा सौंपा गया था।
गृह मंत्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार SIT को पर्याप्त समय और संसाधन उपलब्ध करा रही है ताकि वह बिना किसी दबाव के अपनी जाँच पूरी कर सके। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों। धर्मास्थल एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल होने के कारण, इस मामले की संवेदनशीलता बहुत अधिक है। 31 अक्टूबर को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इस पूरे मामले की सच्चाई सार्वजनिक होने की उम्मीद है।


