मदपुरम हिरासत मौत केस में परिवार को ₹25 लाख मुआवजा।
चेन्नई, तमिलनाडु: मद्रास हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में.
हिरासत में मौत के एक मामले में मदपुरम मंदिर के सुरक्षा गार्ड के परिवार को ₹25 लाख का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह फैसला पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों पर अदालतों के सख्त रुख को दर्शाता है और पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शिवगंगा जिले के तिरुप्पुवनम के पास मदपुरम में काली मंदिर के सुरक्षा गार्ड अजीत कुमार को कथित तौर पर 27 जून को पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटा गया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। इस घटना ने व्यापक विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया था और पुलिस की बर्बरता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी पिटाई के निशान पाए गए थे, जिससे पुलिस की भूमिका संदिग्ध हो गई थी।
हाई कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतक के परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने पुलिस से इस मामले में शामिल सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है। यह फैसला पुलिस को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने और हिरासत में यातना और मौतों को रोकने के लिए एक मजबूत संदेश देता है।



