हिंदुत्व कार्यकर्ताओं ने घर में घुसकर नागरिकता प्रमाण मांगी।
करगिल युद्ध veteran के परिजनों का आरोप.
मुंबई, महाराष्ट्र: करगिल युद्ध के एक अनुभवी सैनिक के परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि कुछ हिंदुत्व कार्यकर्ताओं ने उनके घर में जबरन घुसकर उनकी नागरिकता साबित करने को कहा और उन्हें ‘बांग्लादेशी’ बताया। इस घटना ने मुंबई में सांप्रदायिक तनाव और निजी स्थानों में घुसपैठ पर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इरशाद शेख, जो कि करगिल युद्ध veteran के परिजन हैं, ने बताया कि “करीब 80 लोग अचानक हमारे घर में घुस आए और परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड की मांग करने लगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने उन्हें सीधा ‘बांग्लादेशी’ होने का आरोप लगाया और अपमानित किया। यह घटना एक ऐसे समय में हुई है जब देश में नागरिकता और पहचान को लेकर बहस तेज है। परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उनके घर की शांति भंग की गई।
पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। यह देखना होगा कि इस घटना के पीछे का वास्तविक मकसद क्या था और क्या ये आरोप सही पाए जाते हैं। यह घटना समाज में बढ़ रही असहिष्णुता और कुछ समूहों द्वारा कानून अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर प्रकाश डालती है, और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती है।



