आदित्यपुर रेलवे स्टेशन की हालत चिंताजनक बनी हुई है। स्टेशन पर गंदगी का बोलबाला है। प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पटरियों के आसपास कचरा फैला है। यात्रियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन पर दुर्गंध बनी रहती है। लोग स्टेशन पर रुकना नहीं चाहते। स्थानीय लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं। स्टेशन की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
रेल यूजर एसोसिएशन ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ट्रेनों का कचरा यहीं फेंका जाता है। OBHS स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। नियमित सफाई नहीं होने से स्थिति बिगड़ गई है। यात्रियों को सांस लेने में तकलीफ होती है। स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। स्टेशन की साफ-सफाई की कोई निगरानी नहीं है। शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा है। लोग अब आंदोलन की बात करने लगे हैं। जल्द समाधान की मांग तेज हो गई है।
स्टेशन की मूल सुविधाएं भी ठप पड़ी हैं। घड़ी महीनों से खराब है। यात्रियों को समय जानने में दिक्कत होती है। पानी के नल टूटे हुए हैं। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। यात्रियों को मजबूरी में बाहर जाना पड़ता है। रेल यूजर एसोसिएशन ने मांग पत्र दिया है। सफाई और मरम्मत की मांग की गई है। स्टेशन सुधार की जरूरत बताई गई है। अब कार्रवाई का इंतजार है।



