11 साल की कानूनी लड़ाई के बाद केरल के प्रोफेसर बरी.
मुन्नार, केरल: केरल में एक प्रोफेसर के लिए न्याय की लड़ाई 11 साल बाद पूरी हुई है।
मुन्नार सरकारी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के प्रमुख, प्रोफेसर आनंद विश्वनाथन, को यौन उत्पीड़न के एक झूठे मामले से बरी कर दिया गया है। यह मामला 11 साल पहले उन पांच छात्राओं ने दायर किया था, जिन्हें प्रोफेसर ने परीक्षा में नकल करते हुए पकड़ा था।
यह घटना 2014 में हुई थी जब प्रोफेसर ने कॉलेज की पाँच छात्राओं को परीक्षा में नकल करते हुए पकड़ा और उन्हें अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद, revenge में, छात्राओं ने उन पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रोफेसर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और करियर पर गंभीर असर पड़ा।
इस 11 साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, कोर्ट ने सभी सबूतों की जांच की और पाया कि आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत थे। कोर्ट ने प्रोफेसर को बरी कर दिया और कहा कि यह मामला ‘गलत तरीके से फंसाने’ का था। यह फैसला उन सभी लोगों के लिए एक सबक है जो झूठे आरोप लगाते हैं।



