रांची की एक शांत रात अचानक एक दिल दहला देने वाली घटना में बदल गई। धुर्वा डैम के पानी में डूबी कार ने तीन पुलिसकर्मियों की जिंदगी समाप्त कर दी। सुबह मछुआरों ने जब कार का हिस्सा देखा, तो उन्हें कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ। पुलिस को सूचना दी गई। देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। गोताखोरों को तुरंत बुलाया गया। उन्होंने डैम में उतरकर शव निकाले। वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त था।
दोनों बॉडीगार्ड उपेंद्र और रॉबिन अपने साहस और अनुशासन के लिए जाने जाते थे। चालक शांत स्वभाव का बताया जाता था। तीनों देर रात किस कारण उस रास्ते पर थे, यह सवाल लोगों को परेशान कर रहा है। घटना ने शहर में भय और दुख दोनों पैदा किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क अंधेरी और खतरनाक है। एक छोटी सी गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है। कार के फिसलने के निशान ने इस आशंका को और मजबूत किया है।
अब पूरा मामला जांच के अधीन है। अधिकारी हर तथ्य को गंभीरता से देख रहे हैं। परिवारों में मातम छाया हुआ है। सोशल मीडिया पर संवेदनाएं लगातार आ रही हैं। शहर के लोग चाह रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। प्रशासन ने डैम क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय लिया है। घटना ने रात में यात्रा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। डैम आसपास के इलाके में अब अतिरिक्त रोशनी लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। मामला सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि चेतावनी बनकर सामने आया है। यह त्रासदी रांची की स्मृति में लंबे समय तक दर्ज रहेगी।


