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लातेहार में अवैध कोयला उत्खनन परिवहन नेटवर्क तेजी से फैलता.

सूत्रों का दावा पुलिस अधिकारी संरक्षण में फलफूल रहा कारोबार.

रांची से सटे लातेहार जिले में इन दिनों अवैध कोयला उत्खनन और परिवहन का मामला चर्चा में है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिले में बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस कारोबार में कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण भी शामिल है। आरोप है कि रांची से जुड़े एक पुलिस अधिकारी के संरक्षण में यह धंधा चल रहा है। कुछ नामचीन कोयला तस्करों को लाकर यहां काम कराया जा रहा है। तुबेद कोलियरी क्षेत्र में भी इस गतिविधि की चर्चा तेज है। कोलियरी प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध कारोबार से क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। पांच मार्च की रात केमा गांव में हुई हिंसक झड़प के पीछे भी यही वजह बताई जा रही है। स्थानीय लोग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार कोलियरी से कोयले से भरे ट्रकों को मुख्य एंट्री प्वाइंट से नहीं निकाला जाता। बताया जाता है कि पीछे के रास्तों से ट्रकों को बाहर भेजा जाता है। इसके बाद इन्हें एक नंबर कागजात के सहारे अलग-अलग मंडियों में पहुंचाया जाता है। इस अवैध गतिविधि से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा है। बताया जाता है कि इससे डीवीसी को भी राजस्व हानि झेलनी पड़ रही है। वहीं कुछ अधिकारियों पर इस मामले में मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो इस धंधे का विरोध करता है उसे परेशान किया जाता है। आरोप है कि विरोध करने वालों को केस मुकदमों में उलझाया जाता है। इस वजह से कई लोग खुलकर आवाज उठाने से डरते हैं।

सूत्रों का यह भी दावा है कि इस मामले में कई स्तरों पर संरक्षण मिलता है। बताया जाता है कि कुछ पत्रकारों और स्थानीय लोगों को भी हर माह रकम दिए जाने की चर्चा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। क्षेत्र में कुसमाही, पीराटोड़ी और समाधु पांच नंबर इलाके में भी अवैध कारोबार की बात सामने आती रही है। कुछ लोगों के नाम वसूली से जुड़े होने की चर्चा भी स्थानीय स्तर पर होती है। संदीप सिंह नाम के व्यक्ति का नाम भी सूत्रों द्वारा लिया जा रहा है। वहीं हाल के दिनों में नारायण नाम के व्यक्ति का जिक्र भी होने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ताकि सच्चाई सामने आ सके और अवैध गतिविधियों पर रोक लगे।

 

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