रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीजों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की जा रही है। अब रिम्स में लगभग सभी जरूरी मेडिकल जांच एक ही जगह उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को अलग-अलग लैब में जाने की परेशानी खत्म होगी। पहले कई जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब पर निर्भर रहना पड़ता था। वहां जांच कराने में हजारों रुपये खर्च हो जाते थे। नई व्यवस्था से गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। अस्पताल प्रशासन ने जांच सेवाओं को मजबूत करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य इलाज की प्रक्रिया को तेज बनाना है। मरीजों का समय और आर्थिक बोझ दोनों कम होगा। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
रिम्स के ट्रॉमा सेंटर की लैब में पहले से 24 घंटे जांच सुविधा उपलब्ध है। यहां रिपोर्ट केवल चार से पांच घंटे में मिल जाती है। अब इस लैब में कई नई जांचें शुरू की जा रही हैं। आधुनिक मशीनों के जरिए जांच की गुणवत्ता बढ़ाई जाएगी। गंभीर बीमारियों की पहचान जल्दी हो सकेगी। समय पर इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी। डॉक्टरों को सही इलाज योजना बनाने में सुविधा होगी। अस्पताल में मरीजों की भीड़ को ध्यान में रखकर व्यवस्था तैयार की गई है। जांच प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जा रहा है। इससे मरीजों की परेशानी कम होने की उम्मीद है।
नई जांचों में CA-125 और CA-19-9 जैसे महत्वपूर्ण टेस्ट शामिल हैं। इसके साथ एंटी-TPO और एंटी-CCP जांच भी उपलब्ध होंगी। यूरिन प्रोटीन और आरएफ टेस्ट की सुविधा भी शुरू की जा रही है। इनसे कैंसर, थायराइड और अर्थराइटिस जैसी बीमारियों की पहचान आसान होगी। किडनी से जुड़ी समस्याओं का पता भी समय पर चल सकेगा। आयुष्मान भारत योजना के मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बीपीएल श्रेणी के मरीज कम खर्च में जांच करा सकेंगे। मरीजों को बार-बार अस्पताल के बाहर नहीं जाना पड़ेगा। इलाज की प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी। रिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं का नया विस्तार मरीजों के लिए राहत लेकर आया है।



