रांची के रिम्स अस्पताल की रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। ओपीडी में युवाओं के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले बुजुर्गों में होने वाली बीमारियां अब युवाओं में दिख रही हैं। 30 से 45 साल के लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। हार्ट, किडनी और फेफड़ों की समस्याएं बढ़ रही हैं। कैंसर के मामलों में भी इजाफा हुआ है। डॉक्टरों ने इसे गंभीर संकेत बताया है।
आंकड़ों के अनुसार कार्डियोलॉजी विभाग में हजारों मरीज आए। इनमें बड़ी संख्या में भर्ती भी करनी पड़ी। सबसे ज्यादा मरीज 35 से 45 साल के थे। इसके बाद 46 से 60 साल के मरीज रहे। 26 से 34 साल के युवाओं की संख्या भी अधिक रही। 25 साल से कम उम्र के मरीज भी सामने आए। किडनी और टीबी विभाग में भी यही स्थिति देखी गई।
डॉक्टरों ने इसके पीछे जीवनशैली को जिम्मेदार बताया है। तनाव और खराब खानपान मुख्य कारण हैं। शारीरिक गतिविधियों की कमी भी समस्या बढ़ा रही है। प्रदूषण और धूम्रपान का असर भी बढ़ रहा है। विशेषज्ञों ने शुरुआती लक्षण पहचानने की सलाह दी है। नियमित जांच जरूरी बताई गई है। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया गया है।



